स्वयं को ऐसा बनाओ...जहाँ तुम हो वहाँ सब तुम्हें प्यार करें. स्वयं को ऐसा बनाओ...जहाँ तुम हो वहाँ सब तुम्हें प्यार करें.
नदी के दो किनारों से बहते यूँ तो आ गए पास कितने नदी के दो किनारों से बहते यूँ तो आ गए पास कितने
अपनी कलावती की अंतिम ख्वाहिश पूरी करने के लिए ! अपनी कलावती की अंतिम ख्वाहिश पूरी करने के लिए !
इस दौरान क्या सीखा और किस चीज़ की प्रेरणा मिली इसका उल्लेख करूँगा। इस दौरान क्या सीखा और किस चीज़ की प्रेरणा मिली इसका उल्लेख करूँगा।
ईश्वर से उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करते हुए अंदर चली गई मन में ढेरों सवाल लि ईश्वर से उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करते हुए अंदर चली गई मन में ढेरों ...
ये कदम न सिर्फ उनका भविष्य बल्कि उनके पूरे परिवार का कल भी बदल सकता है। ये कदम न सिर्फ उनका भविष्य बल्कि उनके पूरे परिवार का कल भी बदल सकता है।